WhatsApp भारत में ला रहा है SIM बाइंडिंग फ़ीचर

 



WhatsApp भारत में ला रहा है SIM बाइंडिंग फ़ीचर: जानिए क्या बदलेगा आपके लिए?

भारत में डिजिटल सिक्योरिटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। WhatsApp अब भारतीय यूज़र्स के लिए SIM बाइंडिंग फीचर पर काम कर रहा है। यह बदलाव Meta द्वारा Department of Telecommunications (DoT) के निर्देशों का पालन करने के तहत किया जा रहा है।


क्या है SIM बाइंडिंग फीचर?

SIM बाइंडिंग का मतलब है कि WhatsApp यह वेरिफाई करेगा कि:

  • जिस मोबाइल नंबर से अकाउंट बनाया गया है

  • वही SIM कार्ड आपके फोन में मौजूद और एक्टिव है

अगर SIM डिवाइस में नहीं पाया जाता है, तो अकाउंट एक्सेस अस्थायी रूप से सीमित किया जा सकता है।


यह फीचर क्यों लाया जा रहा है?

DoT ने Telecom Cyber Security Rules 2024 के तहत मैसेजिंग ऐप्स के लिए SIM-आधारित लॉगिन वेरिफिकेशन अनिवार्य किया है।

इस नियम का उद्देश्य है:

  • साइबर फ्रॉड पर रोक

  • फेक अकाउंट्स को कम करना

  • मोबाइल नंबर के दुरुपयोग को रोकना

यह नियम उन सभी ऐप्स पर लागू होगा जो फोन नंबर से रजिस्ट्रेशन की सुविधा देते हैं, जैसे:

  • Signal

  • Telegram


कैसे करेगा काम?

फीचर ट्रैकर WABetaInfo के अनुसार, Android बीटा वर्जन 2.26.8.6 में एक पॉपअप देखा गया है जिसमें लिखा है:

“भारत में रेगुलेटरी ज़रूरतों के कारण, WhatsApp को यह चेक करने की ज़रूरत है कि आपका SIM कार्ड आपके डिवाइस में है।”

संभावित कार्यप्रणाली:

  • केवल +91 भारतीय नंबरों पर लागू

  • समय-समय पर अकाउंट सेशन वेरिफिकेशन

  • SIM मिसमैच होने पर अकाउंट एक्सेस सीमित

  • पुराने चैट और डेटा सुरक्षित रहेंगे

फिलहाल यह फीचर डेवलपमेंट स्टेज में है और अभी आम यूज़र्स के लिए उपलब्ध नहीं है।


क्या हो सकती हैं चुनौतियां?

Internet Freedom Foundation (IFF) ने इस नियम पर चिंता जताई है।

मुख्य मुद्दे:

  • SIM खराब होने पर अकाउंट एक्सेस में समस्या

  • विदेश यात्रा के दौरान इंटरनेशनल पैक की जरूरत

  • यूज़र प्राइवेसी पर संभावित असर

IFF का कहना है कि इस तरह का नियम यूज़र एक्सपीरियंस को प्रभावित कर सकता है।


यूज़र्स के लिए इसका क्या मतलब?

.  फर्जी अकाउंट्स और साइबर धोखाधड़ी में कमी आ सकती है
.  मोबाइल नंबर आधारित सुरक्षा मजबूत होगी
.  SIM बदलने या खोने पर असुविधा संभव
.  ट्रैवल के दौरान ऐप एक्सेस प्रभावित हो सकता है


WhatsApp का SIM बाइंडिंग फीचर भारत में डिजिटल सिक्योरिटी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। हालांकि, इससे जुड़े कुछ व्यावहारिक और प्राइवेसी संबंधी सवाल भी उठ रहे हैं।

आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह फीचर किस तरह लागू किया जाता है और यूज़र्स पर इसका वास्तविक प्रभाव क्या पड़ता है।


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